शायरी - मक्कार

आप जिसको फौलाद कहते है,
हम तो उसे पत्थर समझते है।
जो लोग नज़रो से किसी को गिराते है,
हम उन्हें कायर व मक्कार समझते है।

लेख़क : वाज़िद टाईगर सिज़ोहान
#dard_se_dosti #meri_kayenat

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