मेरा देश, मेरी जान।

आज हम बात करते है अपने देश की जो कि एक महामारी कोरोना वायरस जैसी बीमारी से जूझ रहा है। इस बीमारी से बचने का एक ही तरीका है। बस हम सब अपने घरों में रहे। और इससे बचने की सावधानियां बरते। तभी हम, हमारा परिवार और हमारा देश बच सकता है। कहते है ना के जान है तो जहान है। लेकिन इसके साथ साथ हमारा एक कर्तव्य ओर भी है। कि हम गरीबो ओर मजबूर लोगो की सहायता करें। सामाजिक दूरी बनाते हुए हम ये कार्य करें। देश मे इस समय कोई भी पराया नही है। सब अपने है। अपना एक ही धर्म है और वो है इंसानियत। ओर इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नही है। कहते है बुरे हालात हो तो दुश्मन भी साथ देता है। लेकिन यहां अपना कोई दुश्मन नही है बल्कि हम सब दोस्त है। अपने देश का हिस्सा है। बलवान शरीर के अगर किसी भी अंग पर कुछ हो जाए तो आंखों से आँसू ओर मुंह से आह निकलती है। इसी तरह अगर हमारे समाज मे नफरत फैलती है तो देश को नुकसान होता है। और दूसरे देशों में हमारी केसी केसी चर्चा होती है।ये हम सब जानते है। तो ऐसा न करे जिससे हमारा देश बदनाम हो। आओ आज हम सब मिलकर बिना भेदभाव के क़दम मिला कर चले और एक दूसरे के काम आए। अगर किसी को मेरी बात बुरी लगी हो तो क्षमा करें। लेख़क वाज़िद टाईगर सिज़ोहान

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